Porcupyn’s Blog

June 26, 2009

आते हैं, चले जाते हैं …

Filed under: Music — porcupyn @ 9:25 am

Listened to this great 1980s song on the way in. For now, have copied the lyrics from another blog, and need to double check the words for correctness later.

आते हैं, चले जाते हैं,
जाने वाले कभी कभी
यहाँ अपने प्यार से
लोगों के दिलों में
यादगार बन जाते हैं, आते हैं …

१) रोना ना उदास होना ना
यह आँसू खोना ना
यहाँ ना दामन भिगोना कभी
पाना है कभी कुछ पाना है
कभी कुछ खोना है
यहाँ जो होना है होगा वही

यही ज़िन्दगी है यहाँ जीएँ वही लोग जो
सारे गम भुलाके आँसुओं में मुस्कुराते हैं

आते हैं …

२) चलना है हमें तो चलना है
अकेले चलना है
कोई भी हो या न हो हमसफ़र
राहों में चलें या हम रुकें
रुकें या हम चलें
कहीं भी रुकता नहीं यह सफ़र

आना जाना लगे रहे जीवन की राहों में
राहें वही रहती हैं राही बदल जाते हैं

आते हैं …

३) रातों के, अँधेरी रातों के, घनेरी छाए में
छुपा तो होगा सवेरा कहीं
आएगा, सवेरा आएगा, उजाले लाएगा
अँधेरे होंगे हमेशा नहीं

माने यहाँ हार ना जो
कभी किसी हाल में
वही यहाँ फूल कभी काँटों में खिलाते हैं

आते हैं …

I wonder if someone can put this song up on youtube …

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