Porcupyn's Blog

July 14, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 33

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

log kahen mujhe pagalaa kaheen kaa – lyrics from giitaayan

( आशिक़ हूँ इक माहज़बीं का
लोग कहें मुझे पगला कहीं का ) -2
दिल की तमन्ना पूरी कर दो
साथी बना लो मुझे ज़िन्दगी का
आशिक़ हूँ इक …

महफ़िल-महफ़िल धूम मचाऊँ -2
पागल बनकर नाच दिखाऊँ -2
जान-ए-तमन्ना साथ है मेरे -2
हाल न पूछो मेरी ख़ुशी का
आशिक़ हूँ इक …

जाने वो कैसी जान-ए-जहाँ है -2
उसके बिना तो चैन कहाँ है -2
शाम-सबेरा कुछ नहीं देखूँ -2
फेरा मारूँ उसकी गली का
आशिक़ हूँ इक …

एक सनम को अपना लिया है -2
प्यार का बंधन बाँध लिया है -2
मुझको तो अपना होश नहीं है -2
मुझपे नशा है आशिक़ी का
आशिक़ हूँ इक …

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