Porcupyn's Blog

July 23, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 42

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

abake saavan men jee Dare – lyrics from giitaayan

अबके सावन में जी करे
रिमझिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी
हो ओ ओ
अबके सावन में जी करे
रिमझिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी
हो

ऐसा मौसम पहले कभी भी आया नहीं
ऐसा बादल अम्बर पे सजना छया नहीं
हो ओ ओ
ऐसा मौसम पहले कभी भी आया नहीं
ऐसा बादल अम्बर पे सजना छया नहीं
हो ये सुहाना समां प्रेम की खोज में मौज में
हो ओ ओ पागल प्रेमी बनके फिरे
रिमझिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी

आ तुझको आँखों में बसा लूँ इस रात में
कजरा गजरा बह जायेगा री बरसात में
हो ओ ओ
आ तुझको आँखों में बसा लूँ इस रात में
कजरा गजरा बह जायेगा री बरसात में
हो होश से काम लो राम का नाम लो थाम लो
हो ओ ओ जाने बैरन रुत क्या करे
रिमझिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी

अबके सावन में जी करे
रिमझिम तन पे पानी गिरे
मन में लगे आग सी

मन में लगे आग सी
मन में लगे आग सी

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