Porcupyn's Blog

July 24, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 45

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

achchee naheen sanam dillagee – lyrics from giitaayan

कि: अच्छी नहीं सनम दिल्लगी दिल-ए-बेक़रार से
आ: क्यों रो रहे हो छेड़ा था हमने तुमको तो प्यार से
कि: खेल ही खेल में जाएगी एक जान
आ: क्यों रो रहे हो छेड़ा था हमने तुमको तो प्यार से
कि: अच्छी नहीं सनम दिल्लगी दिल-ए-बेक़रार से
आ: प्यार के खेल में कैसा दिल क्या जान
कि: अच्छी नहीं सनम दिल्लगी दिल-ए-बेक़रार से

कि: कहते हो तुम तो यूँ ही सही कि ऐ मेरे हसीन
आ: आ हाहाहा…
कि: सारी ख़ता जवानी की है, क़ुसूर आपका नहीं
कर जाते हो शरारत जब मिलते हो प्यार से
आ: क्यों रो रहे हो छेड़ा था हमने तुमको तो प्यार से
कि: अच्छी नहीं सनम दिल्लगी दिल-ए-बेक़रार से

आ: छेड़ूँ अगर तो शिकवा करो, न छेड़ूँ तो ग़िला
लगता है यूँ कि तुम आज से दीवाने हुए पीया
होने लगे ज़रा में जो बे-इख़्तियार से
कि: अच्छी नहीं सनम दिल्लगी दिल-ए-बेक़रार से
आ: क्यों रो रहे हो छेड़ा था हमने तुमको तो प्यार से

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