Porcupyn's Blog

July 25, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 46

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

agar dilbar kee rusvaaee – lyrics from giitaayan

अगर दिलबर की रुस्वाई हमें मंज़ूर हो जाये
(सनम तू बेवफ़ा के नाम से मषूर हो जाये) – 2
अगर दिल्बर की … हो जाये
सनम … हो जाये

(हमें फ़ुर्सत नहीं मिलती) – 2
कभी आँसू बहाने से
(कई ग़म पास आ बैठे) -2
(तेरे एक दूर जाने से) – 2
(अगर तू पास आ जाये तो हर ग़म दूर हो जाये) – 2
सनम तू … हो जाये

(वफ़ा का वास्ता देकर) – 2
मोहब्बत आज रोती है
(न ऐसे खेल इस दिल से) – 2
(ये नज़ुक चीज़ होती है) – 2
(ज़रा सी ठेस लग जाये तो शीशा चूर हो जाये) -2
सनम तू … हो जाये

(तेरे रंगीन होंठों को) – 2
कमल कहने से डरते हैं
(तेरी इस बेरुख़ी पे हम) – 2
(ग़ज़ल कहने से डरते हैं) – 2
(कहीं ऐसा न हो तू और भी मग़रूर हो जाये) – 2

अगर दिल्बर कि थ्री दोत्स हो जाये
सनम तू … हो जाये

Leave a Comment »

No comments yet.

RSS feed for comments on this post. TrackBack URI

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Create a free website or blog at WordPress.com.

%d bloggers like this: