Porcupyn's Blog

July 26, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 47

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

agar saaz chheDaa – lyrics from giitaayan

अगर साज़ छेड़ा तराने बनेंगे
तराने बनेंगे फ़साने बनेंगे
तराने बने तो, फ़साने बने तो
फ़साने बने तो दीवाने बनेंगे
अगर साज़ छेड़ा तराने बनेंगे …

फ़साने बने तो सुनेगी ये महफ़िल
सुनेगी ये महफ़िल बड़ी होगी मुशकिल
रुसवाइयों के बहाने बनेंगे
अगर साज़ छेड़ा तराने बनेंगे …

बहानों से फिर तो मुलाक़ात होगी
यूँही दिन कटेगा बसर रात होगी
नये दोस्त इक दिन पुराने बनेंगे
अगर साज़ छेड़ा तराने बनेंगे …

दीवनों पे हँसता है सारा ज़माना
ज़माना मुहब्बत का दुशमन पुराना
दीवाने नहीं हम सयाने बनेंगे
सयाने नहीं हम
सयाने नहीं हम दीवाने बनेंगे
अगर साज़ छेड़ा तराने बनेंगे …

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