Porcupyn's Blog

August 31, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 83

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

beqaraar dil, tuu gaaye jaa, khushiyo.n se bhare vo – lyrics from giitaayan

बेक़रार दिल, तू गाये जा
खुशियों से भरे वो तराने
जिन्हें सुन के दुनिया झूम उठे
और झूम उठे दिल दीवाने
बेक़रार दिल …

राग हो कोई मिलन का, सुख से भरी सरगम का
युग-युग के बंधन का, साथ हो लाखों जनम का
ऐसे ही बहारें गाती रहें, और सजते रहे वीराने
जिन्हें सुन के …

रात यूँ ही थम जायेगी, रुत ये हंसीं मुसकाएगी
बंधी कली खिल जायेगी, और शबनम शरमायेगी
प्यार के वो कैसे नगमे, जो बन जायें अफ़साने
जिन्हें सुन के …

दर्द में डूबी धुन हो, सीने में इक सुलगन हो
सांसों में हलकी चुभन हो, सहमी हुई धड़कन हो
दोहराते रहें बस गीत ये आ, दुनिया से रहें बेगाने
जिन्हें सुन के …

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August 30, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 82

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

bechaaraa dil kyaa kare, saavan jale bhaado.n jale – lyrics from giitaayan

बेचारा दिल क्या करे, सावन जले भादों जले
दो पल की राह नहीं, इक पल रुके इक पल चले

गाँव गाँव में, घूमे रे जोगी, रोगी चंगे करे,
मेरे ही मन का, तड़प ना जाने, हाथ ना धरे

तेरे वास्ते, लाखों रास्ते, तू जहाँ भी चले,
मेरे लिये है, तेरी ही राहें, तू जो साथ ले

August 29, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 81

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

bas yahii aparaadh mai.n har baar karataa huu.N – lyrics from giitaayan

बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ

एक खिलौना बन गया दुनिया के मेले में
कोई खेले भीड़ में कोई अकेले में
मुस्कुरा कर भेंट हर स्वीकार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ …

मैं बसाना चाहता हूँ स्वर्ग धरती पर
आदमी जिस में रहे बस आदमी बनकर
उस नगर की हर गली तैय्यार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ …

हूँ बहुत नादान करता हूँ ये नादानी
बेच कर खुशियाँ खरीदूँ आँख का पानी
हाथ खाली हैं मगर व्यापार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ …

August 28, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 80

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

barakhaa raanii, zaraa jam ke baraso, meraa dilabar – lyrics from giitaayan

बरखा रानी, ज़रा जम के बरसो
मेरा दिलबर जा ना पाए, झूमकर बरसो
बरखा रानी …

वो अभी तो आए हैं
कहते हैं हम जाएं हैं
यूँ बरस बरसों बरस
वो उम्र भर ना जाए रे
बरखा रानी …

मस्त सावन की घटा
बिजुरिया चमका ज़रा
यार मेरा डर के मेरे
सीने से लग जाए रे
बरखा रानी …

August 27, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 79

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

barabaad-e-mohabbat kii duaa saath lie jaa – lyrics from giitaayan

बरबाद-ए-मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा
टूटा हुआ इकरार-ए-वफ़ा साथ लिए जा

इक दिल था जो पहले ही तुझे सौंप दिया था
ये जान भी ऐ जान-ए-अदा साथ लिए जा

तपती हुई राहों में तुझे आँच न पहुँचे
दीवाने के अश्क़ों की घटा साथ लिए जा

शामिल है मेरा खून-ए-जिगर तेरी हिना में
ये कम हो तो अब खून-ए-वफ़ा साथ लिए जा

हम जुर्म-ए-मुहब्बत की सज़ा पाएंगे तन्हा
जो तुझसे हुई हो वो ख़ता साथ लिए जा

August 26, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 78

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

banaa ke kyuu.N bigaa.Daa re bigaa.Daa re nasiibaa – lyrics from giitaayan

बना के क्यूँ बिगाड़ा रे बिगाड़ा रे नसीबा
ऊपर वले -2

जो तुझको मंज़ूर नहीं था फूल खिलें इस प्यार के
फिर क्यों तूने इन आँखों को रंग दिखाए बहार के
आस बँधा के प्यार जता के बिगाड़ा रे नसीबा
ऊपर वले -2
बना के क्यूँ …

पाप करे इन्सान अगर तो वो पापी कहलाता है
तूने भी ये पाप किया फिर कैसे कहूँ तू दाता हैइ
राह दिखा के राह पे ला के बिगाड़ा रे नसीबा
ऊपर वले -2
बना के क्यूँ …

August 25, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 77

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

bambaii se aayaa meraa dost – lyrics from giitaayan

मीठी है मौसम्बी तो कड़वा है करेला
माशूक़ तेरे अन्दर तू हिक तू हिक तू बहार खड़ेला
जा जा जवानी कबसे हिक कबसे हिक कबसे बुला रही है
बुड्ढी के चक्कर में तू काएकु हिक काएकु हिक काएकु पड़ेला

बम्बई से आया मेरा दोस्त, दोस्त को सलाम करो – 2
रात को खाओ पियो, दिन को आराम करो
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह

सब मिलके नाचो गाओ, छुट्टी है मौज मनाओ – 2
अरे अरे सब मिलके नाचो गाओ, छुट्टी है मौज मनाओ – 2
बम्बई से आया मेरा दोस्त …
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह

गये राजा महाराजा, अब सब तुझ माझा – 2
अरे अरे मिलके बजाओ बाजा, हलवा खाओ ताजा – 2
सभी अमीर बनो, गरीबी दूर करो
रात को खाओ पियो, दिन को आराम करो
बम्बई से आया मेरा दोस्त …
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह

अब ना कोई हो कड़का, ना कोई पैसे वाला – 2
अरे अरे नाचेंगे सब मिलके, जीजा हो या साला – 2
छोड़ो काले धन्धे, सफ़ेद काम करो
रात को खाओ पियो, दिन को आराम करो
बम्बई से आया मेरा दोस्त, दोस्त को सलाम करो – 2
रात को खाओ पियो, दिन को आराम करो

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