Porcupyn's Blog

June 23, 2014

Songs of the 1970s – my favourites – 12

Filed under: Music — Porcupyn @ 11:59 pm

mere paas aao mere dosto – lyrics from giitaayan

आओ बच्चो आज तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ मैं
शेर की कहानी सुनोगे
हुँ

हूँ हूँ
मेरे पस्स आओ मेरे दोस्तो एक क़िस्सा सुनो -2

कई साल पहले की ये बात है
बोलो ना चुप क्यूँ हो गये
भयानक अंधेरी सियाह रात में
लिये अपनी बन्दूक मैं हाथ में
घने जंगलों से गुज़रता हुआ कहीं जा रहा था -2
जा रहा था
नहीं आ रहा था
नहीं जा रहा था

ओफ़ फ़ो आगे भी तो बोलो ना
बताता हूँ बता हूँ

घड़ी थी अन्धेरा मगर सख़्त था
कोई दस सवा दस का वक़्त था

लरज़ता था कोयल की भी कूक से
बुरा हाल हुआ उस पे भूख से
लगा तोड़ने एक बेरी से बेर
मेरे सामने आ गया एक शेर

कोई गिघ्घी ?? बनती नज़र फिर गई
तो बन्दूक भी हाथ से गिर गई

मैं लपका वो झपका
मैं ऊपर वो नीचे
वो आगे मैं पीछे
मैं पेड़ पे वो पीछे
अरे बचाओ -2
मैं डाल-डाल वो पात-पात
मैं पसीना वो बाग़-बाग़
मैं सुर में वो ताल में
ये जंगल पाताल में
बचाओ बचाओ
अरे भागो रे भागो
अरे भागो

फिर क्या हुआ
ख़ुदा की क़सम मज़ा आ गया
मुझे मार कर बेसरम खा गया

खा गया
लेकिन आप तो ज़िन्दा हैं

अरे ये जीना भी कोई जीना है लल्लू
आइं

ल ल ल र ल ल

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